गुरुवार, 6 मार्च 2008

दूसरे दिमाग की आहट

(Listening The Second Mind)
हमने चेतन और अवचेतन के बारे में बहुत कुछ सुन रखा है। योग में राजयोग ऐसा सैगमेंट है जो हमें सैकण् माइंड तक पहुंचने के लिए सहायता करता है। इसके अलावा तंत्र में भी कई ऐसी तकनीकें हैं जो हमें सैकण् माइंड तक लेकर जाती हैं। फिलहाल मैं बात करूंगा साइकोलॉजिकल पद्धति की। साइकोलॉजिस् बताते हैं कि हमारे दिमाग की चार अवस्थाएं होती है। उन्हें एल्फा, बीथा, थीटा आदि में बांटा गया है।
एल्फा लेवल तकनीक: सेकण् माइंड में उतरने की यह मुझे सबसे सुलभ पद्धति लगती है। इसमें शांत होकर एक बंद कमरे में बैठना होता है। कमर सीधी और आंखें ठीक पैंतालीस डिग्री पर छत की ओर। अब सौ से एक तक उलटी गिनती करनी होती है। धीरे-धीरे। एक तक पहुंचने तक हमारा दिमाग एल्फा लेवल में पहुंच जाता है। तब हमारी श्वास स्थिर और स्वाभाविक हो जाती है। दिमाग की इस अवस्था में पहुंच हुए व्यक्ति को समस्याओं के समाधान भी नजर आते हैं और डिप्रेशन के पेशेंट को अधिक लॉजिकल सोचने का अवसर मिलता है। योग एवं तंत्र संबंधी चर्चा बाद में कभी...