मंगलवार, 24 मार्च 2009

एक माइक्रोपोस्‍ट...

वायदा बाजार 
किसानों और निर्यातकों के भले के लिए शुरू हुआ 
अब न किसानों को सही भाव मिलते हैं न निर्यातकों को
सटोरिए पूरी व्‍यवस्‍था पर हावी हैं 

ब्‍लॉगिंग 
इससे कैसे, कब, क्‍यों और कहां जुडे 
कब नियमित लिखना शुरू किया
कौन हमारे लेखन को प्रभावित करता है 
अगली पोस्‍ट में क्‍या लिखना है कौन बताएगा 
किसके फायदे के लिए यह किया जा रहा है 
और किसे इसका फायदा हो रहा है।