शनिवार, 20 नवंबर 2010

उसने ईश्‍वर के लिए गाया था

हां मैंने देखा एक बच्‍चा वह किसी को खुश करने या किसी लालच में नहीं बल्कि अपनी धुन में गा रहा था। रेगिस्‍तान की मिट्टी न केवल जीवटता देती है बल्कि राग का भी वरदान बिना मांगे दे देती है। मैं इस बच्‍चे का नाम नहीं जानता, जाति नहीं जानता... हां यह गडरिया है जो बकरियां लिए घूम रहा था। एक जगह किसी बन्‍द घर के आगे बैठा कागजों के छोटे टुकड़ों से खेल रहा था और गाता जा रहा था। कॉलोनी के लोग मंत्रमुग्‍ध खड़े उसे सुन रहे थे। केवल मैंने धृष्‍टता की ईश्‍वर की उस आवाज को रिकॉर्ड करने की। मैंने सोचा आप भी आनन्‍द ले सकेंगे इस शुद्ध आवाज का। सुनिएगा... यह मेरा पहला वीडियो कास्‍ट है...