शुक्रवार, 11 मई 2012

पिछले दिनों लेखन में...

पिछले लंबे अर्से से ब्‍लॉग से गायब हूं, लेकिन राहत की बात यह है कि लेखन से नदारद नहीं हूं। पिछले एक साल में ऑफलाइन लिखने का भी खूब मौका मिला और उसे मैंने भुनाने में कसर भी नहीं रखी। यहां कुछ लिंक छोड़ रहा हूं। इन पर मेरे कुछ लेख हैं। समय मिले तो आप भी पढि़एगा।

साहस के साथ कुछ युवा अपने देश के लिए ऐसे काम कर रहे हैं जो आमतौर पर हमें देखने को नहीं मिलते। अपनी जान पर खेलकर नाम कमा चुके कुछ लोगों के नाम गिनाए हैं मैने इस आलेख में...
http://www.patrika.com/print/emailarticle.aspx?id=30990

नवसंवत्‍सर शुरू हुआ तो इसके स्‍वागत में भी कलम चलाई थी...
http://www.patrika.com/article.aspx?id=32735

फलादेश और कारक ज्ञान - कुंडली में स्थित कारकों के बारे में यदि स्पष्ट जानकारी हो तो कोई भी शख्स खुद से जुड़ी जिज्ञासा का समाधान कर सकता है। हर सवाल का जवाब प्राप्त कर सकता है। आइए देखें भावों के अनुसार कारक कौन से होते हैं।
इस विषय पर पूरा लेख मिलेगा आपको राजस्‍थान पत्रिका की वेबसाइट पर...
http://www.patrika.com/print/emailarticle.aspx?id=28580

शिवोपासना से चंद्र मजबूत - मन की गति को कोई नहीं पकड़ सकता। यह मन ही है जो हमें सपने दिखाता है और उन्हें पूरे करने की ताकत भी देता है। मन में पैदा हो रहे विचार की शक्ति ही हमें पशुओं से अलग करती है। ये विचार ही हैं जो हमें सपनों के रूप में मिलते हैं और विचार ही हमें सपने पूरे करने की ताकत देते हैं। मन की इसी ताकत के कारण हम दूसरों से कुछ अलग होते हैं।
शिव की उपासना के संबंध में इस लेख के बाद मेरे पास कई फोन आए... कुछ खास तो नहीं है लेकिन पत्रिका वालों ने कहा कि आम आदमी के काम का है, इसलिए अच्‍छा रेस्‍पांस मिला...
लिंक - http://www.patrika.com/print/emailarticle.aspx?id=27829

पेड़-पौधे दिलाएं ग्रहों से शांति - पेड़-पौधे न केवल हमें जीवन देते हैं, बल्कि बुरे ग्रहों के प्रभाव से भी हमें बचाते हैं। सामान्य उपचारों में देखें तो यदि शनि मारकेश है तो राजपथ पर वट वृक्ष लगाने से आयु बढ़ती है। गुरू निर्बल है या किसी अन्य ग्रह के कारण अल्पायु योग बनाता है तो गुरूवार के दिन पीपल का वृक्ष लगाना ठीक रहता है।
http://www.patrika.com/print/emailarticle.aspx?id=33987 इस लिंक पर पूरा लेख मिलेगा...

चेहरा बताता है ग्रहों का प्रभाव  - किसी व्यक्ति की सूरत देखने पर उसके सीरत का अहसास तो हो ही जाता है लेकिन ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखें तो पता चलता है कि दिखने वाले चेहरे के इतर भी बहुत सी बातें होती हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर जाते हैं। इस आलेख को पढ़ने बाद आप हो सकता है आप जिक्र करने लगें कि उस आदमी की शक्ल तो राहू से मिलती है या बुध से। देखतें हैं कि क्या विशेषताएं होती किसी व्यक्ति के चेहरे की ग्रह विशेष के प्रभाव में- हालांकि इस लेख का बड़ा हिस्‍सा मैं अपने ज्‍योतिष दर्शन ब्‍लॉग में पहले से लिख चुका हूं, लेकिन संपादन के बाद इसमें नई रंगत आई है लिंक है ... http://www.patrika.com/print/emailarticle.aspx?id=31200

इसके अलावा वास्‍तु संदेश और ज्‍योतिष मंथन मैग्‍जीन में कई लेख प्रकाशित हो चुके हैं। जैसा कि इस ब्‍लॉग में मैंने कहा कि ज्‍योतिष और पत्रकारिता के इतर सबकुछ लिखूंगा, सो एक बार फिर हाजिर हूं अपने उसी वादे के साथ। जल्‍द ही बीकानेर की राजनीतिक स्थिति पर एक नया आलेख लाने की सोच रहा हूं। पता नहीं कितने दिन में होगा, लेकिन अब नई ऊर्जा महसूस कर रहा हूं सो, हो सकता है जल्‍द ही आपको नया लेख मिले।

सादर